Galaxy Z TriFold battery mod
Samsung के फोल्डेबल स्मार्टफोन्स अपनी यूनिक डिजाइन और एडवांस टेक्नोलॉजी के लिए जाने जाते हैं। इसी लाइनअप में आने वाला Galaxy Z TriFold भी अपनी बड़ी स्क्रीन और शानदार फीचर्स की वजह से काफी चर्चा में है। इस फोन में कंपनी ने 5,600mAh की बैटरी दी है, जो एक बड़े फोल्डेबल डिस्प्ले और कवर स्क्रीन को पावर देने के लिए पर्याप्त मानी जाती है।
लेकिन टेक यूट्यूबर और हार्डवेयर टिंकरर Scotty “Strange Parts” Allen ने यह सोच लिया कि अगर इस फोन में एक नहीं बल्कि तीन बैटरियां लगा दी जाएं तो क्या होगा। अपने नए वीडियो में उन्होंने Galaxy Z TriFold के साथ एक ऐसा DIY मॉड किया जिसने इस फोन को 9,600mAh बैटरी वाले पावरहाउस में बदल दिया।
आइए जानते हैं इस अनोखे प्रयोग के बारे में विस्तार से।
Galaxy Z TriFold में ट्रिपल बैटरी का प्रयोग
Galaxy Z TriFold battery mod
Scotty Allen, जिन्हें “Strange Parts” चैनल के लिए जाना जाता है, पहले भी कई बार स्मार्टफोन्स को खोलकर नए प्रयोग कर चुके हैं। उन्होंने पहले खुद का iPhone बनाने का प्रोजेक्ट भी किया था।
इस बार उन्होंने Samsung के Galaxy Z TriFold को पूरी तरह खोलकर उसमें नई बैटरी लगाने का प्रयोग किया।
इस प्रक्रिया में उन्होंने फोन को पूरी तरह डिसअसेंबल किया। इसके बाद फोन में लगी मूल बैटरियों और बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम को हटा दिया गया।
फिर उनकी जगह सिलिकॉन-कार्बन बैटरियां लगाई गईं, जो पारंपरिक लिथियम-आयन बैटरियों की तुलना में अधिक ऊर्जा घनत्व (energy density) प्रदान करती हैं।
इन बैटरियों को फोन में फिट करने के लिए Allen को कस्टम मेटल प्लेट्स भी बनवानी पड़ीं ताकि बड़ी बैटरियां फोन के अंदर सही तरीके से बैठ सकें।
हालांकि यह प्रक्रिया बिल्कुल आसान नहीं थी। प्रयोग के दौरान उन्हें कई यूनिट्स खराब भी करनी पड़ीं, लेकिन आखिरकार वह एक ऐसा Galaxy Z TriFold तैयार करने में सफल रहे जो काम करने की स्थिति में था।
5,600mAh से सीधे 9,600mAh बैटरी
इस मॉड के बाद Galaxy Z TriFold की बैटरी क्षमता 5,600mAh से बढ़कर लगभग 9,600mAh हो गई।
यानी स्टैंडर्ड मॉडल के मुकाबले लगभग 4,000mAh ज्यादा बैटरी। तुलना के लिए कहा जाए तो यह लगभग Samsung Galaxy S24 की पूरी बैटरी क्षमता के बराबर अतिरिक्त पावर है।
इतनी बड़ी बैटरी के बावजूद फोन के आकार में बहुत ज्यादा बदलाव दिखाई नहीं देता। वीडियो के अंतिम हिस्सों में देखने पर पता चलता है कि फोन थोड़ा मोटा जरूर हुआ है, लेकिन यह उतना बड़ा बदलाव नहीं है जितना आमतौर पर इतनी बड़ी बैटरी के साथ उम्मीद की जाती है।
अगर यह तकनीक व्यावसायिक रूप से लागू की जाए, तो भविष्य के स्मार्टफोन्स की बैटरी लाइफ में काफी सुधार देखा जा सकता है।
सिलिकॉन-कार्बन बैटरियों का फायदा
Galaxy Z TriFold battery mod
Allen ने इस प्रोजेक्ट में Silicon-Carbon battery technology का इस्तेमाल किया।
इस तकनीक में बैटरी के एनोड (anode) में सिलिकॉन का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे बैटरी की energy density काफी बढ़ जाती है। इसका मतलब है कि छोटी जगह में ज्यादा ऊर्जा स्टोर की जा सकती है।
यही कारण है कि कुछ नए Android स्मार्टफोन्स में भी इस तकनीक का इस्तेमाल शुरू हो चुका है।
इसके मुख्य फायदे हैं:
- ज्यादा बैटरी क्षमता
- पतली बैटरी डिजाइन
- बेहतर पावर स्टोरेज
लेकिन इसके कुछ नुकसान भी हैं।
सिलिकॉन-कार्बन बैटरियों में expansion यानी फैलने की समस्या ज्यादा होती है। इसके अलावा इनकी लाइफ पारंपरिक बैटरियों की तुलना में थोड़ी कम हो सकती है।
यानी ज्यादा क्षमता मिलने के साथ कुछ तकनीकी चुनौतियां भी मौजूद हैं।
असली चुनौती थी फोल्डिंग डिस्प्ले
इस पूरे प्रोजेक्ट में सबसे मुश्किल काम बैटरी बदलना नहीं था।
सबसे बड़ी चुनौती थी Galaxy Z TriFold के जटिल डबल-फोल्डिंग डिस्प्ले को फिर से सही तरीके से फिट करना।
Allen ने वीडियो में बताया कि फोन को दोबारा असेंबल करते समय डिस्प्ले को सही से बैठाना बेहद कठिन था।
आखिरकार जब फोन चालू हुआ तो स्क्रीन पर एक सफेद लाइन (white line of death) दिखाई देने लगी, जो फोल्डेबल डिस्प्ले में आने वाली आम समस्याओं में से एक है।
इसका मतलब यह है कि फोन पूरी तरह परफेक्ट तरीके से काम नहीं कर पाया, लेकिन प्रयोग के तौर पर यह काफी प्रभावशाली उपलब्धि है।
Samsung पर भी है टेक्नोलॉजी अपनाने का दबाव
Galaxy Z TriFold battery mod
दिलचस्प बात यह भी है कि Allen के इस वीडियो को Samsung के प्रतिद्वंदी ब्रांड HONOR ने स्पॉन्सर किया था।
हालांकि इससे इस प्रयोग की उपलब्धि कम नहीं होती। बल्कि यह दिखाता है कि स्मार्टफोन कंपनियों के बीच बैटरी टेक्नोलॉजी को लेकर प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है।
आज कई चीनी ब्रांड पहले ही सिलिकॉन-कार्बन बैटरियों का इस्तेमाल शुरू कर चुके हैं। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि Samsung भी आने वाले समय में इस तकनीक को अपने स्मार्टफोन्स में अपनाए।
अगर ऐसा होता है तो भविष्य में हमें पतले फोन, बड़ी बैटरी और लंबी बैटरी लाइफ देखने को मिल सकती है।
निष्कर्ष
Galaxy Z TriFold battery mod
Scotty Allen का यह DIY प्रोजेक्ट भले ही एक प्रयोग हो, लेकिन यह दिखाता है कि बैटरी टेक्नोलॉजी में अभी काफी संभावनाएं बाकी हैं।
Galaxy Z TriFold में ट्रिपल बैटरी मॉड लगाकर उसे 9,600mAh की क्षमता तक पहुंचाना कोई आसान काम नहीं था। इसके लिए फोन को पूरी तरह खोलना, नई बैटरियां फिट करना और फिर उसे दोबारा असेंबल करना बेहद जटिल प्रक्रिया थी।
हालांकि यह मॉड रोजमर्रा के उपयोग के लिए व्यावहारिक नहीं है, लेकिन यह इस बात की झलक जरूर देता है कि अगर स्मार्टफोन कंपनियां नई बैटरी टेक्नोलॉजी अपनाएं तो भविष्य में स्मार्टफोन्स की बैटरी लाइफ कई गुना बेहतर हो सकती है।
और शायद आने वाले सालों में हमें ऐसे फोल्डेबल फोन देखने को मिलें जिनकी बैटरी पूरे दिन ही नहीं बल्कि कई दिनों तक चल सके।
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Many modern smartphones are now using silicon-carbon battery technology for higher energy density.